Blog

Covid-19 Pandemic: Impact And Strategies For Education Sector In India The Pandemic Has Significantly Disrupted The Higher Education Sector As Well, Which Is A Critical Determinant Of A Country’s Economic Future Etgovernment April 16, 2020, 09:45 Ist


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
COVID-19 Pandemic: Impact and strategies for education sector in IndiaBy Richa Choudhary

Sometime in the second week of March, state governments across the country began shutting down schools and colleges temporarily as a measure to contain the spread of the novel coronavirus. It’s close to a month and there is no certainty when they will reopen. This is a crucial time for the education sector—board examinations, nursery school admissions, entrance tests of various universities and competitive examinations, among others, are all held during this period. As the days pass by with no immediate solution to stop the outbreak of Covid-19, school and university closures will not only have a short-term impact on the continuity of learning for more than 285 million young learners in India but also engender far-reaching economic and societal consequences.
By:LSS, Narwana
2020-07-04 12:03:32

स्कूल खुलने को लेकर आई बड़ी अपडेट, अपनाया जाएगा अब ये तरीका


 

 
 
 
स्कूल खुलने को लेकर आई बड़ी अपडेट, अपनाया जाएगा अब ये तरीका

 

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते तीन महीने से बंद पड़े स्कूलों (Schools) को खोलने को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासों में जुटी हुई हैं.

नई दिल्ली. पिछले तीन महीने से बंद पड़े देशभर के स्कूलों (Schools) को फिर से खोलने की कवायद लगातार जारी है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते 16 मार्च को स्कूल बंद कर दिए गए थे. इसके बाद से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर स्कूल कब से दोबारा खोलने का फैसला लिया जाता है. हालांकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने स्कूल और कॉलेज समेत अन्य शिक्षण संस्थान खोलने को लेकर जुलाई में फैसला करने की बात कही थी, लेकिन मानव संसाधन विकास मंत्री ने 15 अगस्त के बाद स्कूल खोलने के संकेत दिए थे. इस बीच, अब स्कूल खोलने को लेकर एक और अपडेट सामने आई है.

एनसीईआरटी ने तैयार की गाइडलाइंस
दरअसल, अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर के स्कूलों को दोबारा खोलने की दिशा में नेशनल काउंसिल आफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (national council of educational research and training) यानी एनसीईआरटी (NCERT) ने कुछ गाइडलाइंस तैयार की हैं. इन गाइडलाइंस का मकसद स्कूल खुलने के बाद बच्चों पर पड़ने वाले पढ़ाई के बोझ को कम करना है. एनसीईआरटी ने इसके लिए विषयवार चैप्टर को कम करने का सुझाव दिया है. इसके लिए स्कूलों को भी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. आइए जानते हैं कि आखिर किन उपायों से बच्चों की पढ़ाई का बोझ कम किया जाएगा.

एनसीईआरटी ने दिए ये सुझाव
- हर विषय से तीन से चार चैप्टर कम किए जाएंगे.
- पहली से लेकर 12वीं क्लास तक के कोर्स में से 25 से 30 फीसदी कोर्स को कम किया जाएगा.
- देशभर के स्कूल अगस्त से खुलने की संभावना है. ऐसे में पढ़ाई के लिए छात्रों को कम समय मिलेगा. इसे देखते हुए सेकंड या थर्ड टर्म के कोर्स में से कई चैप्टर हटाए जाएंगे.
- सिलेबस में कटौती के बाद जो चैप्टर रह जाएंगे, उन्हीं के आधार पर परीक्षा होगी.
- क्लास में अधिक से अधिक पढ़ाई कराने पर जोर रहेगा. इसके लिए होमवर्क नोट लिखने में छात्रों का समय बचाने के लिए प्रिंटेड वर्कशीट दी जाएगी.

By:LSS, Narwana
2020-06-23 11:18:27